
हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ी सफलता मिली। इन सीटों में से 9 पर NDA या उसके समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को एक-एक सीट मिली।
राज्यवार नतीजों की बात करें तो बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA के उम्मीदवार विजयी रहे। ओडिशा की चार सीटों में से तीन पर NDA समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि एक सीट BJD के खाते में गई। हरियाणा की दो सीटों में से एक भाजपा और एक कांग्रेस ने जीती।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले और दोनों विजयी रहे। जदयू के रामनाथ ठाकुर और आरएलएसएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार शिवेश राम को 30 वोट मिले, लेकिन दूसरी वरीयता के आधार पर उन्होंने 37 वोट पाने वाले राजद के एडी सिंह को हरा दिया। जीत के लिए 41 वोट जरूरी थे। महागठबंधन के चार विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण उनके उम्मीदवार को नुकसान हुआ।
ओडिशा में भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने जीत हासिल की, जबकि NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे भी विजयी रहे। चौथी सीट BJD की संत्रुप्ता मिश्रा के खाते में गई, जबकि BJD के दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। मतदान के दौरान भुवनेश्वर में BJD और भाजपा विधायकों के बीच हाथापाई भी हुई।
हरियाणा में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल हार गए, जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त था। कांग्रेस के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि पार्टी का एक वोट रद्द हो गया। चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनाव घोषित किए थे, जिनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।








