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पूर्व डीजीपी की बाराबंकी की जमीन को जालसाजी से बेचने की कोशिश, लखनऊ के प्रापर्टी डीलर पर मुकदमा दर्ज
बाराबंकी (AS News)। गुजरात के पूर्व डीपीजी होमगार्ड की बेशकीमती जमीन को लखनऊ के एक प्रापर्टी डीलर ने जालसाजी से बेचने की कोशिश की। यही नहीं एक ग्राहक से बतौर अग्रिम 20 लाख रुपये भी लेकर उस पर कब्जा कराने की भी कोशिश की। खरीदार ने जमीन पर लगे गेट का ताला तोड़कर वहां का सामान भी हटा दिया। प्रकरण संज्ञान में आने पर पूर्व डीजीपी ने अपनी जमीन के केयर टेकर को भेजकर चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने लखनऊ के प्रापर्टी डीलर सहित तीन नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले दीपक स्वरूप गुजरात कैडर के आइपीएस हैं, जो गुजरात में बतौर डीजीपी होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस के पद से सेवानिवृत हुए थे। दीपक स्वरूप की बाराबंकी में कोतवाली नगर में हाईवे पर दसवीं वाहिनी पीएसी के बगल स्थित बेशकीमती 16 बीघा जमीन स्थित है। इसकी कीमत करीब 30 करोड़ बताई जाती है। इस जमीन को कोठी के सिद्धौर टिकरिया में रहने वाले सिद्धार्थ नाथ मिश्रा ने कोठी के ही रहने वाले पंकज के जरिए गोरखपुर के रहने वाले राहुल श्रीवास्तव से इस जमीन का 23 करोड़ में सौदा कर लिया।
सिद्धार्थ नाथ मिश्रा प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है और लखनऊ के चिनहट में उसका ऑफिस है। सिद्धार्थ के साथ काम करने वाले व रिश्तेदार जनार्दन मिश्रा सहित व्यासमुनि पाठक व अविनाश त्रिपाठी ने राहुल को आइपीएस की जमीन अपनी बताकर दिखाया और बताया कि चाभी खो गई है। इसका ताला तोड़कर कब्जा करिए और एक सप्ताह बाद अग्रिम डीलिंग होगी। सौदा तय होने पर राहुल ने दस-दस लाख की दो चेक सिद्धार्थ नाथ को दी और ताला तोड़कर सफाई शुरू कर दी।
जानकारी होने पर आइपीएस ने अपनी जमीन के केयर टेकर लखनु के भाग्य नाथ दुबे को भेजा जहां अंदर रखा फावड़ा, पंप, मशीन और अन्य सामान भी गायब था। इसके बाद कोतवाली में तहरीर देकर चारों के खिलाफ जालसाजी व चोरी का मुकदमा कराया गया।नगर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर सिद्धार्थ, व्यासमुनि और अविनाश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। व्यासमुनि बीएससी और अविनाश बीटेक है दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे थे।










