हिंदुस्तान में मिक्सिंग टीकों के ट्रायल शुरू यूके और स्पैन में हुए अध्ययनों में फाइजर और एस्ट्राजेनेका टीके का मिक्सिंग डोज सुरक्षित
- देश में जल्द ही कोरोना वायरस वैक्सीन के मिक्सिंग डोज का ट्रायल शुरू होने वाला है। ट्रायल में वैक्सीन की सुरक्षा, शरीर में प्रतिरक्षा और उसके प्रभाव के बारे में पता लगाया जाएगा। मिक्सिंग वैक्सीन के ट्रायल में तीनों टीके कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक वी को शामिल किया जाएगा। इन्ही तीनों टीकों देश में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी भी मिली है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी गई है। एक सीनियर अधिकारी ने टीओआई से बात करते हुए कहा है कि यह साइंटिफिक रूप से संभव है और यह हमारे देश और हम सभी के लिए अच्छी बात है। कोरोना टीकों का मिश्रण की वजह से देश में चल रहे वैक्सीनेशन प्रोग्राम को भी बढ़ावा मिलेगा
फिलहाल अभी तक टीकाकरण प्रोटोकॉल में इसे शामिल नहीं किया गया है। इसलिए हमने मिक्सिंग टीकों के ट्रायल का फैसला लिया है। ट्रायल के फैसले का राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने भी स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इसका ट्रायल जल्द ही शुरू होगा और इसमें लगभग दो महीने लगने की संभावना है। इसके लिए सरकार और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है।
बता दें कि यूके और स्पैन में हुए अध्ययनों में फाइजर और एस्ट्राजेनेका टीके का मिक्सिंग डोज सुरक्षित मिला है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी भी इस बात को मान चुके हैं कि डोज का मिश्रण वैज्ञानिक रूप से संभव है लेकिन इसके लिए देश में ट्रायल होना भी जरूरी है।







