Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

घिरे यूपी के मंत्री’ सवा करोड़ की जमीन 20 लाख में कैसे खरीदी

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

घिरे यूपी के मंत्री’ सवा करोड़ की जमीन 20 लाख में कैसे खरीदी

g
नई दिल्ली। अब उन पर महंगी जमीन को बेहद कम दाम में खरीदने के आरोप लग रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि डॉ. सतीश द्विवेदी ने सवा करोड़ की जमीन महज 20 लाख रुपए में खरीदी है।
सपा नेता सुनील कुमार यादव और आप सांसद संजय सिंह ने शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी को आड़े हाथ लिया है। इन्होंने ट्विटर पर चार रजिस्ट्री की फोटो शेयर कर दावा किया है कि जमीन की रजिस्ट्री सतीश द्विवेदी और उनकी मां के नाम पर है। उनका आरोपा है कि जमीन मार्केट रेट से कम दाम पर खरीदी गई है।
सुनील कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि सतीश द्विवेदी ने अपने और अपनी मां के नाम पर महंगी जमीनों को बेहद कम कीमत पर खरीदा। उनका आरोप है कि एक जमीन की कीमत 65.45 लाख रुपए थी, जिसे 12 लाख रुपए में खरीदा गया है। वहीं, एक जमीन की मार्केट वैल्यू 1.26 करोड़ रुपए थी जिसे महज 20 लाख रुपए में खरीद लिया गया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “गरीब का हक मार कर EWS कोटे के तहत अपने भाई की फर्जी नियुक्ति कराने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ जी के ईमानदार बेसिक शिक्षा मंत्री जी, करोड़ों की जमीन 20 लाख में बैनामा कराने का भी हुनर रखते हैं। अब समझ में आ रहा है कि भाई ने इस्तीफा क्यों दिया! योगीजी आपके मंत्री कब इस्तीफा देंगे?”

वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करते लिखा, “क्या आपको 1 करोड़ 26 लाख 29 हजार की जमीन 20 लाख में चाहिए? तो आदित्यनाथ जी की सरकार में मंत्री बन जाइए।

आपको बता दें कि, भाई अरुण द्विवेदी की सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति के बाद मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी विवादों में घिर गए थे। हालांकि उनके भाई ने अब असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र दुबे ने बताया कि मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर 21 मई को पदभार ग्रहण करने वाले अरुण कुमार द्विवेदी का इस्तीफा तत्काल मंजूर कर लिया गया है।

Advertisement Box

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp