
गंगा एक्सप्रेसवे: किसानों के सहयोग से साकार हुआ विकास का महाप्रयास — मुख्यमंत्री
18,000 एकड़ भूमि पर बना एक्सप्रेसवे, 7,000 एकड़ में विकसित होंगे इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब
लखनऊ/प्रयागराज।आदरणीय प्रधानमंत्री के कर-कमलों से गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक अध्याय बताते हुए अन्नदाता किसानों के योगदान को विशेष रूप से सराहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 594 किलोमीटर लंबा यह गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसके निर्माण के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि किसानों से प्राप्त की गई है।

उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि विभिन्न स्थानों पर ली गई है। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन 12 जनपदों के 1 लाख से अधिक किसानों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मेरठ से प्रयागराज तक इस परियोजना के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराकर विकास की इस धारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर करने में मील का पत्थर साबित होगा।








