
लखनऊ: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए शुरुआती चार साल की सेवा के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अग्निवीरों को सेना में लंबे समय तक सेवा करने और नियमित सैनिक बनने का एक और अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।
ब्रजेश पाठक ने अग्निवीरों को दी बधाई
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले की सराहना की। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी अग्निवीरों को इस फैसले के लिए बधाई भी दी।
सुरेश खन्ना बोले- युवाओं को मिलेगा अतिरिक्त अनुभव
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल के विस्तार का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को अतिरिक्त अनुभव और कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे उनके भविष्य के रोजगार और करियर की संभावनाएं भी बेहतर हो सकती हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को इस निर्णय के लिए बधाई दी।
क्या है अग्निपथ योजना में नया बदलाव?
केंद्र सरकार की संशोधित व्यवस्था के मुताबिक, अग्निवीरों की शुरुआती चार साल की सेवा अवधि बरकरार रहेगी। इसके बाद पहले की व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा।
वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा। इस दूसरी सेवा अवधि के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ मिलेंगे।
दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उनकी सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
चार साल के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अग्निपथ योजना के चार साल पूरे होने के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इस दौरान उनकी शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और कार्यक्षमता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।








