
भारतीय क्रिकेट टीम में 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी उन्हें सिर्फ एक मुकाबले में खेलने का मौका मिला था। लगातार दो सीरीज में सिराज को सीमित मौके मिलने के बाद चर्चा तेज हो गई है कि क्या हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट की भविष्य की योजनाओं में उनकी प्राथमिकता कम हो रही है?
ऑकलैंड वनडे में क्यों नहीं खेले सिराज?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में मोहम्मद सिराज प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। उनकी जगह टीम मैनेजमेंट ने दूसरे तेज गेंदबाजों को मौका दिया। हालांकि, सिराज को बाहर रखने की एक वजह उनका वर्कलोड भी हो सकता है।
दरअसल, सिराज इससे ठीक पहले न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले गए अनऑफिशियल टेस्ट मुकाबले का हिस्सा थे, जो 3 नवंबर को समाप्त हुआ। इसके अगले ही दिन वनडे मुकाबला खेला गया। ऐसे में लगातार दो मुकाबलों के बीच तेज गेंदबाज को आराम देना टीम मैनेजमेंट की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
वेस्टइंडीज सीरीज में भी नहीं मिली थी जगह
सिराज को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में भी उन्हें शुरुआती दो मुकाबलों में मौका नहीं मिला था। तीन मैचों की इस सीरीज के आखिरी मुकाबले में ही सिराज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
तीसरे वनडे में उन्होंने आठ ओवर गेंदबाजी की और 52 रन देकर एक विकेट हासिल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के बाद सिराज को टीम में जगह मिली थी। ऐसे में यह सवाल उठने लगा कि क्या वनडे क्रिकेट में टीम मैनेजमेंट अब दूसरे तेज गेंदबाजों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है।
नए गेंदबाजों को तैयार करने की रणनीति?
2027 वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देकर मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना चाहता है। यही वजह है कि तेज गेंदबाजी में नए विकल्पों को आजमाया जा रहा है।
हालांकि, सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज को लगातार बाहर रखना भी चर्चा का विषय है। सिराज पिछले कई वर्षों से भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी शानदार भूमिका निभाई थी। नई गेंद से विकेट निकालने और दबाव में गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है।
क्या टेस्ट क्रिकेट तक सीमित रह जाएंगे सिराज?
सिराज को अनऑफिशियल टेस्ट में मौका मिलना, लेकिन अगले ही दिन वनडे की प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना कई सवाल खड़े करता है। क्या टीम मैनेजमेंट उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए ज्यादा उपयोगी मान रहा है या वनडे में नए गेंदबाजों को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है?
हालांकि, अभी तक गौतम गंभीर या टीम मैनेजमेंट की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट हो कि सिराज 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं से बाहर हैं।
मिशन 2027 में सिराज के सामने चुनौती
2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के पास खिलाड़ियों को परखने और टीम कॉम्बिनेशन तैयार करने का समय है। ऐसे में आने वाली वनडे सीरीज सिराज के लिए काफी अहम होंगी। उन्हें अपने प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट का भरोसा दोबारा जीतना होगा।
अब सबकी नजर न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे मुकाबलों पर रहेगी। देखना होगा कि सिराज को प्लेइंग इलेवन में वापसी का मौका मिलता है या टीम मैनेजमेंट युवा तेज गेंदबाजों पर ही भरोसा बनाए रखता है। फिलहाल सिराज के वनडे भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन विश्व कप की तैयारियों के बीच उनकी जगह को लेकर बहस जरूर शुरू हो गई है।








