
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित “रेट कार्ड” का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि NEET का पेपर 40 लाख रुपये, IIT-JEE का 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती का 15 लाख रुपये, बिहार शिक्षक भर्ती का 10 लाख रुपये और ओडिशा पुलिस भर्ती का 25 लाख रुपये में बिकने का दावा किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिसके पास पैसा है, वह पेपर खरीद लेता है, जबकि केवल मेहनत करने वाले छात्रों के सपने टूट जाते हैं।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि देश में अब तक 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में किसी भी बड़े दोषी को सजा नहीं मिली, जिससे पेपर लीक माफिया का मनोबल बढ़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का हर छात्र जानना चाहता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गिरोह इतना बेखौफ होकर काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य की कीमत पर कुछ लोग पैसा कमा रहे हैं और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। वहीं केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून तथा तकनीकी उपाय लागू करने की बात कहती रही है।
पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।







