
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में हिस्सा लेते हुए योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। ऐतिहासिक रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि 40 वर्ष की उम्र में हम 20 वर्ष जितने लचीले रहें, 50 की उम्र में 30 वर्ष जैसी ऊर्जा महसूस करें और 70 वर्ष की उम्र में भी 50 वर्ष जैसी सेहत बनाए रखें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग अब भारत की सीमाओं से निकलकर दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है। यह लोगों, देशों और संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि 21 जून, जिसे पृथ्वी का सबसे लंबा दिन माना जाता है, आज पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में नई पहचान हासिल कर चुका है।
रेड रोड पर आयोजित कॉमन प्रोटोकॉल योग सत्र में प्रधानमंत्री ने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन सहित विभिन्न योगासन किए। इस दौरान वह प्रतिभागियों के बीच पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारते हुए भी नजर आए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी “बढ़ती उम्र के लिए योग” रखी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस थीम को केवल बुजुर्गों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। योग हर आयु वर्ग के लिए जरूरी है और इसका उद्देश्य उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक क्षमता को बनाए रखना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन स्थापित करने की कला है। आधुनिक जीवनशैली में लोग तनाव और असंतुलन का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब योग हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता है, तब वह मानवीय एकता और सामूहिक चेतना का आधार बन जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों से योग की प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो यह साबित करती हैं कि योग मानवता को जोड़ने की ताकत रखता है। योग सबको साथ लाता है और स्वस्थ, सकारात्मक तथा संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।








