
नई दिल्ली। 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले परीक्षा की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को देशभर में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच करना है, ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, मॉक ड्रिल शनिवार सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक चलेगी। इसमें देशभर के परीक्षा केंद्रों, जिला प्रशासन, राज्य सरकारों, केंद्रीय एजेंसियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के बीच समन्वय का परीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे व्यापक सुरक्षा तैयारियों में से एक होगी।
परीक्षा के लिए देशभर में 5,000 से अधिक केंद्रों को पहले ही NTA के नियंत्रण में सौंप दिया गया है। परीक्षा के दिन तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों को सौंपी गई है, जबकि केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था में 2.5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे।
सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी और उनकी लाइव फीड NTA को उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी केंद्र भी बनाया गया है। किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
NEET-UG री-टेस्ट में इस बार लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें से करीब 18 लाख छात्र अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी उम्मीदवार का बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकी खराबी, कमजोर फिंगरप्रिंट, UIDAI कनेक्टिविटी समस्या या किसी शारीरिक कारण से नहीं हो पाता है, तो उसे परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे मामलों में वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।








