
नई दिल्ली। भारत ने मई 2026 के दौरान रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का आयात बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने रियायती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल की खरीद बढ़ाई, जिसके चलते आयात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। रूस से तेल खरीद का स्तर पिछले करीब 10 महीनों में सबसे ऊंचा बताया जा रहा है।
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच रूस ने एशियाई बाजारों पर अपना फोकस बढ़ाया था। इसका सबसे बड़ा लाभ भारत को मिला, जहां सस्ते दामों पर तेल उपलब्ध होने के कारण भारतीय कंपनियां लगातार रूसी तेल की खरीद कर रही हैं। मई महीने में भी रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि डिस्काउंट पर मिलने वाले रूसी तेल ने भारतीय रिफाइनरियों की लागत कम करने में मदद की है, जिससे रूस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बना हुआ है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है और अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में कम कीमत पर उपलब्ध रूसी तेल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आयात बिल को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।







