Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर राहुल गांधी का हमला: ‘पर्यावरण और आदिवासी हितों पर खतरा’

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

पर्यावरण दिवस के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में पेश कर रही है, जबकि इसके पीछे बड़े कारोबारी हितों को फायदा पहुंचाने का उद्देश्य छिपा हुआ है। राहुल गांधी का कहना है कि इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराया जा रहा है, लेकिन वास्तव में यह देश की प्राकृतिक विरासत और पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी साझा किया है, जो उनके अप्रैल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने दावा किया कि ग्रेट निकोबार परियोजना से बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय नुकसान होगा। उनके अनुसार इस परियोजना के तहत करीब 1.5 करोड़ पेड़ काटे जा सकते हैं, जिससे क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरल रीफ्स को नुकसान पहुंचाने की आशंका है और कई संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिक तंत्र खतरे में आ सकते हैं।

Advertisement Box

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना से निकोबार द्वीप समूह में रहने वाले आदिवासी समुदायों को विस्थापित किया जाएगा, जो वहां वर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को पहले सरकार ने बसाया था और अब उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। उनके अनुसार यह कदम न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी गंभीर चिंता का विषय है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार इस परियोजना को रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर पेश कर रही है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे बड़े व्यावसायिक हित काम कर रहे हैं और इस क्षेत्र में होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट जैसे प्रोजेक्ट विकसित करने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परियोजना से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों में असंतोष बढ़ सकता है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करती। उन्होंने कहा कि पार्टी भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरा समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है और लंबे समय से इसकी मांग भी की जा रही है। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से ही देश में इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, तो इस नए ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की वास्तविक आवश्यकता क्या है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में वहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां समुद्री जीवन, कोरल रीफ्स और आदिवासी संस्कृति पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस परियोजना को रोकने या पुनर्विचार करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल और सतत विकास मॉडल के अनुसार पुनः डिजाइन किया जाना चाहिए।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर विकास बनाम पर्यावरण की बहस को तेज कर दिया है। जहां एक ओर सरकार इस परियोजना को रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बता रही है, वहीं विपक्ष इसे पर्यावरण और सामाजिक न्याय के खिलाफ कदम के रूप में पेश कर रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और नीतिगत दोनों स्तरों पर और अधिक गरमाने की संभावना है।

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

और भी पढ़ें

WhatsApp