
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम’ के विरोध के पीछे परिवारवादी पार्टियों का डर छिपा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर देश की महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन पार्टियों का पारिवारिक नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। पीएम मोदी ने कहा कि यह संशोधन महिलाओं को उनका हक देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, जो 40 साल से लंबित था। उनके मुताबिक, 2029 के बाद होने वाले लोकसभा चुनाव से महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करने की योजना थी।
उन्होंने इसे 21वीं सदी की भारतीय महिलाओं को नए अवसर देने और बाधाएं दूर करने का ‘महायज्ञ’ और ‘पवित्र पर्व’ बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी को अधिकार देने की यह पहल पूरी ईमानदारी और साफ नीयत के साथ लाई गई थी।
टीएमसी, सपा और कांग्रेस महिला विरोधी: पीएम मोदी का विपक्ष पर आरोप
महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच पीएम मोदी ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने इन दलों को ‘महिला विरोधी’ करार देते हुए कहा कि ये देश की नारी शक्ति को आगे बढ़ने से रोकना चाहती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सुधारों के विरोध से भरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तीन तलाक कानून का विरोध किया, अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया और अब महिला आरक्षण बिल का भी विरोध कर रही है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे प्रस्तावों का भी विरोध करती है और देश को मजबूत होते नहीं देखना चाहती। उन्होंने दोहराया कि महिला आरक्षण से जुड़ा यह कदम महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण था, लेकिन विपक्ष के रुख ने इसे आगे बढ़ने से रोक दिया।





