
सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद प्रशासनिक सक्रियता का संकेत देते हुए मुख्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यालय पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में पूरी प्रशासनिक टीम मौजूद रही।
पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री ने आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया और कुछ महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही उन्होंने वरीय अधिकारियों के साथ राज्य के विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा की। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नई सरकार शुरुआत से ही कामकाज को लेकर गंभीर है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सम्राट चौधरी का शपथ के तुरंत बाद सक्रिय होना प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश देता है कि सरकार तेजी से निर्णय लेने और विकास कार्यों को गति देने के मूड में है। आने वाले दिनों में उनकी प्राथमिकताएं-जैसे रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था-पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
इस बीच, बिहार की राजनीति में तेजी से बदलाव का दौर जारी है। सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य की प्रशासनिक दिशा और नीतियों में भी बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार अपने वादों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार पाती है।
तेजस्वी यादव ने नए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उन पर तंज कसते हुए कहा कि “निर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटाने की प्रतिज्ञा पूरी करने पर बधाई, तथा चयनित मुख्यमंत्री बनने पर सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं।”
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में बिहार की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 21 वर्षों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासन के बावजूद राज्य कई महत्वपूर्ण मानकों पर राष्ट्रीय औसत से पीछे है। इनमें नीति आयोग के सूचकांक, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था और मानव विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
वहीं, नरेंद्र मोदी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्राट चौधरी की ऊर्जा, जनसेवा के प्रति समर्पण और जमीनी अनुभव राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।







