
स्वामी विवेकानंद जयंती: उन 5 स्थलों की यात्रा, जहां गढ़ा गया आधुनिक भारत का आत्मविश्वास
कानपुर। 12 जनवरी को मनाई जाने वाली स्वामी विवेकानंद जयंती केवल एक महान संन्यासी की स्मृति नहीं, बल्कि उन स्थलों को याद करने का अवसर है, जहां से भारत के आत्मविश्वास और सेवा की नई चेतना का उदय हुआ।
कोलकाता की सिमला स्ट्रीट, जहां 1863 में नरेंद्रनाथ दत्त का जन्म हुआ, उनके वैचारिक विकास की पहली भूमि रही। दक्षिणेश्वर काली मंदिर में गुरु रामकृष्ण परमहंस से भेंट ने उनके जीवन को अध्यात्म की दिशा दी। वाराणसी ने उन्हें भारत की आध्यात्मिक आत्मा और सामाजिक यथार्थ से जोड़ा।
1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके भाषण ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। वहीं कन्याकुमारी की शिला पर ध्यान करते हुए उन्होंने भारत जागरण का संकल्प लिया।
स्वामी विवेकानंद के ये स्थल आज भी युवाओं को आत्मबल, सेवा और राष्ट्रनिर्माण का संदेश देते हैं।








