
वाराणसी में मंगलवार की रात काशीवासियों और श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर ने देव दीपावली के अवसर पर खुद को 25 लाख दीयों की जगमगाहट में सजाया। गंगा घाट, मंदिर और गलियां रात के अंधेरे में जैसे स्वर्ग का रूप ले लिया।विशेष भव्य आरती में लगभग एक लाख लोग शामिल हुए। श्रद्धालु गंगा के किनारे दीप जलाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। घाटों पर रोशनी, रंग-बिरंगे फूलों और पारंपरिक सजावट ने वातावरण को और भी भव्य बना दिया।
इस साल के आयोजन में देश-विदेश से करीब 40 देशों के पर्यटक भी शामिल हुए। विदेशी पर्यटक भारतीय संस्कृति और त्योहारों की भव्यता देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, ताकि विशाल भीड़ में किसी प्रकार की असुविधा न हो।स्थानीय व्यापारियों और होटल मालिकों ने भी इस अवसर का फायदा उठाया। होटल और पेंशन में विशेष पैकेज रखे गए, वहीं घाटों पर खाने-पीने के स्टॉल और धार्मिक सामग्रियों की बिक्री ने व्यापारियों को राहत दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य राजनीतिक प्रतिनिधि भी इस अवसर पर घाट पहुंचे और दीपोत्सव का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि देव दीपावली न केवल वाराणसी की धार्मिक परंपरा को उजागर करता है, बल्कि देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक पर्यटन का महत्वपूर्ण अवसर भी है।इस महापर्व में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर दीपों की सजावट की और भक्तिमय माहौल में गंगा आरती का आनंद लिया। वाराणसी की गलियां, घाट और मंदिर एक बार फिर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर जगमगाए।






