
नई दिल्ली। दिल्ली के कूड़े के पहाड़ अब बीते दिनों की बात बन सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया कि राजधानी के तीनों कूड़े के पहाड़ — गाजीपुर, भलस्वा और ओखला — को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से हटा दिया जाए। बैठक में ‘दिल्ली को कूड़े से आज़ादी’ अभियान की समयसीमा 2 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई, पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
1 अगस्त से चल रहा है अभियान
मुख्यमंत्री ने 1 अगस्त को ‘दिल्ली को कूड़े से आज़ादी’ अभियान की शुरुआत कश्मीरी गेट स्थित विभागीय कार्यालय से की थी। इसी दौरान उन्होंने सचिवालय परिसर की स्थिति पर असंतोष जताया था और कहा था कि नया सचिवालय परिसर बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। नए सचिवालय के लिए स्थान की पहचान की जा रही है ताकि सभी विभाग एक ही परिसर में कार्य कर सकें और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके।
बदलेगी दिल्ली की तस्वीर
सरकार के अनुसार, कूड़े के पहाड़ों को हटाने से राजधानी के करोड़ों निवासियों को दुर्गंध, जहरीली गैसों और पर्यावरणीय खतरों से राहत मिलेगी। साथ ही, पार्कों के विकास और सफाई अभियानों से दिल्ली की छवि में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ सफाई का अभियान नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य को संवारने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
समयसीमा तय, अब निगरानी ज़रूरी
सरकार ने पहली बार इन पहाड़ों को हटाने की निर्धारित समयसीमा घोषित की है। इससे पहले भी ऐसी घोषणाएं होती रही हैं, लेकिन ज़मीनी बदलाव सीमित रहे हैं। अब देखना होगा कि क्या नगर निगम और संबंधित एजेंसियां इस कार्य को तय समय में पूरा कर पाएंगी, या यह भी पुराने वादों की तरह अधूरा रह जाएगा।









