
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में एक अनोखे कार्यक्रम को संबोधित किया, जहां उपस्थित सभी लोग पारंपरिक चारपाइयों (खाटलों) पर बैठे थे। यह कार्यक्रम पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें देश के करोड़ों किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की गई और 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “देश के लोगों के लिए यह हैरानी की बात होगी कि यहां इस कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग ‘चारपाइयों’ पर बैठे हैं। बनासकांठा ने हमारे गांवों की परंपराओं को फिर से जीवित किया है। अगर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को इसके बारे में बताया जाता, तो वे इसे एक विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दे देते।” उन्होंने इसे गांव की महान परंपरा के पुनरुत्थान के रूप में सराहा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज यहां मातृ शक्ति, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के लिए अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। साथ ही देश के करोड़ों छोटे किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त भी पहुंच गई है। उन्होंने किसानों को विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बताया और कहा कि अन्नदाता देश की प्रगति की रीढ़ हैं।
कृषि क्षेत्र पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 की तुलना में आज कृषि बजट 5 गुना बढ़ गया है। पीएम सम्मान निधि अब करोड़ों किसानों के जीवन का हिस्सा बन गई है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सरकार की नीतियों से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है या उनकी बचत हुई है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के खातों में पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कभी छोटे किसानों की जरूरतों को ठीक से नहीं समझा गया। देश में छोटे किसानों की संख्या 85 प्रतिशत है, और इस सरकार ने उनकी चिंता की है। एमएसपी के मुद्दे पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें एमएसपी को लेकर धोखा दे रही थीं, जबकि उनकी सरकार ने एमएसपी का वादा पूरा किया। एमएसपी के जरिए 24 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। यह केंद्र 127 एकड़ में फैला है और कांकरेज नस्ल पर केंद्रित देश का पहला ऐसा अत्याधुनिक केंद्र है। साथ ही बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी प्लांट्स की आधारशिला रखी गई और कृषि अवसंरचना कोष के तहत कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की गईं। गुजरात में 50 लाख से अधिक किसानों को इस किस्त से लाभ मिला, जबकि बनासकांठा के किसानों के खातों में करीब 50 करोड़ रुपये पहुंचे।
इस कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में रोड शो भी किया, जहां उन्हें भारी जनसैलाब का स्वागत मिला। स्थानीय महिलाओं और किसानों ने उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी के इस दौरे को कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जोड़ा जा रहा है। चारपाइयों पर आयोजित यह सभा गांव की संस्कृति और विकास के समन्वय का प्रतीक बनकर उभरी। किसानों को सीधी सहायता, बजट में वृद्धि और एमएसपी के आंकड़ों को सरकार अपनी प्राथमिकता का हिस्सा बता रही है।






