
रामपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि इनका मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खां और अन्य से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई है।
निर्माण लागत और खर्च के हिसाब पर सवाल
ईडी की जांच के मुताबिक, रामपुर के जौहर नगर स्थित विश्वविद्यालय परिसर की 59 इमारतों के निर्माण की लागत जिला मूल्यांकन अधिकारी की 10 नवंबर 2023 की रिपोर्ट में 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी। वहीं, 114 विक्रय विलेखों के जरिए खरीदी गई जमीन का मूल्य 4.63 करोड़ रुपये बताया गया। इस तरह परिसर की कुल अनुमानित लागत 499.09 करोड़ रुपये बैठती है।
जांच एजेंसी का कहना है कि ट्रस्ट के आयकर रिकॉर्ड में 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दर्ज था। ईडी के अनुसार, इसमें 12.29 करोड़ रुपये के दान को गैर-वास्तविक पाया गया। एजेंसी ने अन्य स्रोतों की जांच के बाद परिसर की कुल लागत में से केवल 72.63 करोड़ रुपये को वैध स्रोतों से स्पष्ट होने योग्य माना। शेष 426.46 करोड़ रुपये के स्रोत का संतोषजनक हिसाब नहीं मिलने पर उसे कथित अपराध से अर्जित आय मानते हुए संबंधित संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया।
सरकारी धन और निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की जांच
ईडी का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी संसाधनों, निर्माण सामग्री और सरकारी ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों से जुड़े धन का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने यह भी जांच की कि सरकारी कार्यों के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों का उपयोग निजी विश्वविद्यालय परिसर में किस तरह हुआ। इसके अलावा, किसानों की जमीन कथित तौर पर जबरन लिए जाने और कुछ सरकारी संपत्तियों पर कब्जे से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
ईडी ने अपनी जांच से संबंधित जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ साझा की थी। इसके बाद 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खां, ट्रस्ट और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। एजेंसी इस मामले में पहले भी विश्वविद्यालय और उससे जुड़े परिसरों पर तलाशी ले चुकी है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के तहत होता है। आजम खां इस ट्रस्ट के संस्थापक और नियंत्रक बताए जाते हैं तथा विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति भी हैं।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई अस्थायी कुर्की की है। जांच एजेंसी के आरोप और वित्तीय निष्कर्ष अंतिम न्यायिक निर्णय के समान नहीं हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। संपत्तियों से संबंधित अंतिम स्थिति सक्षम प्राधिकरणों और अदालत की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।





