
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक एमएलसी सीट पर मतगणना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नौवें राउंड की प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार केदारनाथ सिंह पर बड़ी बढ़त बना ली है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आशुतोष सिन्हा को 50,462 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 33,478 वोट प्राप्त हुए हैं। इस तरह सपा प्रत्याशी की बढ़त 16,984 वोट बताई गई है। हालांकि, अंतिम परिणाम के लिए दूसरी वरीयता के मतों की गिनती महत्वपूर्ण होगी।
पहले राउंड से कायम रही बढ़त
मतगणना के विभिन्न चरणों में आशुतोष सिन्हा लगातार आगे बने रहे। जैसे-जैसे मतों की गिनती आगे बढ़ी, दोनों प्रत्याशियों के बीच अंतर भी बढ़ता गया। आठवें राउंड तक सपा प्रत्याशी की बढ़त 16 हजार से अधिक हो चुकी थी। नौवें राउंड की प्रथम वरीयता की गिनती पूरी होने के बाद भी उनकी बढ़त बरकरार रही। अब सभी की निगाहें दूसरी वरीयता के मतों की गणना पर टिकी हैं, जिसके बाद चुनाव परिणाम की स्थिति स्पष्ट होगी।
मतगणना पर आपत्ति के बाद हुआ विवाद
मतगणना के दौरान पांचवें राउंड को लेकर भाजपा की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इस दौरान मतगणना केंद्र पर विरोध-प्रदर्शन भी हुआ और प्रक्रिया कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। बाद में अधिकारियों के निर्देश पर मतगणना दोबारा शुरू हुई। भाजपा पक्ष ने गणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि सपा प्रत्याशी और उनके समर्थक जल्द तथा पारदर्शी तरीके से मतगणना पूरी कराने की मांग करते रहे।
प्रशासन की निगरानी में मतगणना आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक दलों की नजर हर नए आंकड़े पर बनी हुई है। दोनों पक्षों के समर्थक परिणाम को लेकर उत्सुक हैं।
अंतिम परिणाम पर टिकी निगाहें
वाराणसी स्नातक एमएलसी सीट के चुनाव में प्रथम वरीयता के मतों के आधार पर आशुतोष सिन्हा की बढ़त मजबूत दिखाई दे रही है। लेकिन अंतिम जीत की आधिकारिक घोषणा से पहले दूसरी वरीयता के मतों की गणना और निर्वाचन अधिकारियों की पुष्टि जरूरी है। इसलिए मौजूदा आंकड़ों को अंतिम परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।





