
रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा। उन्होंने आजम खान और उनके परिवार के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जितना अन्याय आजम खान के परिवार के साथ हुआ है, उतना किसी राजनीतिक परिवार के साथ शायद ही हुआ हो। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।”
अखिलेश यादव के इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आजम खान समाजवादी पार्टी के पुराने और प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। पार्टी को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में अखिलेश यादव की रामपुर यात्रा और उनके बयान से एक बार फिर आजम खान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप
आजम खान से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे और फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। उन्होंने कहा कि इन मुकदमों के जरिए आजम खान को परेशान किया गया है। सपा प्रमुख के अनुसार, किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने से सच्चाई को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
अखिलेश यादव ने कहा कि फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक बंदिशों में इतनी ताकत नहीं है कि वे सच्चाई को हमेशा के लिए कैद कर सकें। उन्होंने बीजेपी सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार का शिक्षा और पढ़ाई-लिखाई से कोई खास लेना-देना नहीं है।
जौहर यूनिवर्सिटी का भी उठाया मुद्दा
अखिलेश यादव ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, शिक्षा से जुड़े संस्थानों को राजनीति से अलग रखकर उनके विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से रामपुर की राजनीति में चर्चा का विषय रही है। आजम खान का इस संस्थान से जुड़ाव रहा है। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाकर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
हालांकि, अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों पर बीजेपी का पक्ष इस बातचीत में सामने नहीं आया। इसलिए इन आरोपों को सपा प्रमुख के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सपा के पुराने नेता हैं आजम खान
अखिलेश यादव ने आजम खान के राजनीतिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजम खान ने समाजवादी पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह पार्टी के पुराने नेताओं में से एक हैं और लंबे समय तक रामपुर की राजनीति में प्रभावशाली रहे हैं।
अखिलेश यादव के बयान से यह संदेश देने की कोशिश भी दिखाई दी कि पार्टी मुश्किल समय में अपने वरिष्ठ नेताओं और उनके परिवार के साथ खड़ी है। आजम खान और उनके परिवार को लेकर सपा लगातार अपनी बात रखती रही है।
यूपी की राजनीति में बढ़ी चर्चा
रामपुर में अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। उनके बयान के बाद आजम खान की राजनीतिक भूमिका और समाजवादी पार्टी के साथ उनके संबंधों को लेकर चर्चा बढ़ सकती है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान के जरिए आजम खान के प्रति समर्थन जताया और बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अब इस मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।









