Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

किसान आंदोलन से INDIA गठबंधन तक, लोकदल की बैठक में बनी रणनीति

24 अक्टूबर से 1 नवंबर की रामलीला मैदान महारैली में जुटेंगे किसान
24 अक्टूबर से 1 नवंबर की रामलीला मैदान महारैली में जुटेंगे किसान
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

लखनऊ। लोकदल की एक महत्वपूर्ण बैठक आज केंद्रीय कार्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में किसानों युवा,मंगाई,इथेनॉल, समस्याओं, फसलों के उचित मूल्य, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों तथा INDIA गठबंधन द्वारा चलाए जा रहे आगामी जनआंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल ने लोकसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार का लोहा मनवाया है। पार्टी लगातार किसानों, मजदूरों, गरीबों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।

Advertisement Box

उन्होंने कहा कि किसान आज अपनी फसल का उचित मूल्य, बढ़ती लागत और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान है। सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना होगा और उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना होगा।

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता के बीच पहुंचकर मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवाल को प्रमुखता से उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का सबसे बड़ा केंद्र 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की विशाल महारैली होगी। इस महारैली में इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेता एक मंच पर एकजुट होकर लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे।

लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि रामलीला मैदान की महारैली में किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि लोकदल किसानों और आम जनता के साथ मजबूती से खड़ा है तथा INDIA गठबंधन के साथ मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता के सवालों की लड़ाई को गांव से लेकर दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने लोकदल के कार्यकर्ताओं, किसानों और समर्थकों से अपील की कि वे 24 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करें।

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि देश के किसान, मजदूर, युवा और आम मतदाता के लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है।

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

और भी पढ़ें

WhatsApp