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धौरहरा के पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का निधन, चार बार संभाली विधानसभा की जिम्मेदारी

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Written by
सुयश शुक्ला

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के निधन की खबर है। उनके निधन की खबर से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। हालांकि, उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि और बीमारी से संबंधित जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

भाजपा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर, चार बार बने विधायक

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बाला प्रसाद अवस्थी लखीमपुर खीरी जिले के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। उनका राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी से शुरू हुआ। उन्होंने वर्ष 1991 में पहली बार धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया।

इसके बाद वर्ष 2007 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर धौरहरा से चुनाव जीता। वर्ष 2012 में बसपा ने उन्हें मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहां से वह विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2017 में उन्होंने फिर भाजपा में वापसी की और धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर चौथी बार विधायक बने।

भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रहे

बाला प्रसाद अवस्थी का प्रभाव केवल विधानसभा की राजनीति तक सीमित नहीं था। उन्होंने संगठन में भी जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 1993 में उन्हें भाजपा का लखीमपुर खीरी जिलाध्यक्ष बनाया गया था। उनकी राजनीतिक पहचान जिले के पुराने नेताओं और भाजपा के प्रमुख स्थानीय चेहरों में होती थी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले बाला प्रसाद अवस्थी एक बार फिर राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सुर्खियों में आए। जनवरी 2022 में उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। हालांकि, लगभग 18 दिन बाद वह फिर भाजपा में लौट आए।  रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा में वापसी के बाद उन्होंने इसे घर वापसी बताया था। उनका यह राजनीतिक घटनाक्रम उस समय जिले की राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा।

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