
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और मौजूदा मतदाता सूची में जरूरी संशोधन किए जा सकेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप जारी होगा, जबकि अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।
18 साल पूरे करने वाले युवाओं को मिलेगा मौका
निर्वाचन विभाग के कार्यक्रम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे पात्र युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
12 नवंबर को जारी होगा ड्राफ्ट
पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत सबसे पहले 2 नवंबर तक मतदेय स्थलों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम की जांच कर सकेंगे और नाम जुड़वाने या विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
11 दिसंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियां
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इस दौरान पात्र नागरिक सूची में नाम शामिल कराने और जरूरी संशोधन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।
राजनीतिक दलों के साथ होंगी बैठकें
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
4 जनवरी 2027 को आएगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना तथा सभी पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण का अवसर देना है। ऐसे में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







