
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर जिले के दौरे के दौरान क्षेत्र की जनता को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 803 करोड़ रुपये की लागत वाली 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बलरामपुर अब पिछड़ेपन की पहचान से बाहर निकलकर विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार की नीतियों से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तस्करी नहीं, बल्कि तरक्की हो रही है।
803 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना आवश्यक है। सरकार इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश के सभी जिलों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। बलरामपुर में 78 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बलरामपुर को अब पिछड़ा जनपद मानने की मानसिकता बदलने की जरूरत है। सरकार की प्राथमिकता जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और यहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर साधा निशाना
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और प्रदेश की पहचान को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया था। उनके अनुसार, उस समय कई जिलों में गुंडों और भू-माफिया का प्रभाव था। व्यापारियों को धमकाने और जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें आम थीं।
सीएम योगी ने कहा कि पहले लोगों में असुरक्षा का माहौल था और सूर्यास्त के बाद घर से बाहर निकलने में भी भय महसूस होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन व्यवस्था में किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाई है।
आपदा प्रभावितों को सहायता देने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल विकास परियोजनाओं का निर्माण करना ही नहीं, बल्कि संकट के समय जनता के साथ खड़ा होना भी है। उन्होंने दावा किया कि आपदा से प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट की स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिले और उन्हें आर्थिक परेशानियों से उबरने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों और गरीब परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित भविष्य की ओर आगे बढ़ाना है।
‘छांगुर’ जैसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने ‘छांगुर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के खिलाफ काम करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। सरकार अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कानून का पालन करने वाले नागरिकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, जबकि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सपा पर दलितों और राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर हमला
राजनीतिक बयानबाजी के दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर दलितों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अपने कार्यकाल में किसी दलित को राज्यसभा भेजने के लिए पर्याप्त पहल नहीं की। मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए रामगोपाल यादव और एक अन्य उम्मीदवार को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक प्राथमिकताओं को जनता के हितों से ऊपर रखा।
इन आरोपों के जरिए मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार को सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के पक्ष में खड़ा बताया। हालांकि, राज्यसभा में प्रतिनिधित्व और उम्मीदवारों के चयन को लेकर किए गए राजनीतिक दावों का आकलन संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
युवाओं को रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को बिना भेदभाव के रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके अनुसार, मजबूत कानून-व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन प्रदेश के विकास के लिए जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ सकें और व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके। विकास के लिए निवेश, रोजगार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
विकास और सुशासन पर सरकार का जोर
बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री के दौरे का प्रमुख आकर्षण रहा। जनसभा में उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार की नीतियों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री का कहना था कि बलरामपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास की गति तेज करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अब इन परियोजनाओं का वास्तविक महत्व उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, सुविधाओं की गुणवत्ता और आम जनता तक पहुंचने वाले लाभ से तय होगा। जिले के लोगों को उम्मीद है कि प्रस्तावित विकास कार्य क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेंगे और बलरामपुर को आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।








