
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर युवाओं और ‘Gen Z’ को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के कथित राजनीतिक षड्यंत्रों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के छात्र और युवा अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोशित हैं, लेकिन राजनीतिक दल उनके आंदोलनों को अपने स्वार्थ के लिए हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
मायावती ने रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीतिक दल अपनी राजनीति चमकाने में जुटे हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में आने के बजाय सजग रहना चाहिए।
‘बसपा शासन में युवाओं को नहीं होने दिया निराश’
मायावती ने अपनी पिछली सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि बसपा के शासनकाल में युवाओं और छात्रों को निराश नहीं होने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया था।
उन्होंने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करने और निजी क्षेत्र को कथित तौर पर अनुचित बढ़ावा देने का आरोप लगाया। मायावती के मुताबिक, इस नीति का लाभ देश के बड़े पूंजीपतियों को मिल रहा है, जबकि गरीब, बेरोजगार और आम युवा लगातार पीछे होता जा रहा है।
आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी, कांग्रेस और RSS पर निशाना
बसपा प्रमुख ने आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी, कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण अब प्रभावी रूप से नाममात्र का रह गया है।
मायावती ने आरोप लगाया कि आरएसएस आरक्षण को पूरी तरह निष्प्रभावी बनाने की साजिश कर रहा है। उन्होंने सरकारी क्षेत्र की तर्ज पर निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करने की मांग की।
बसपा प्रमुख ने कहा कि जब सरकारी नौकरियों के अवसर लगातार सीमित हो रहे हैं और निजी क्षेत्र का विस्तार हो रहा है, तब सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के लिए निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की व्यवस्था जरूरी है।
चुनावों से पहले बसपा को मजबूत करने की अपील
मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से बसपा को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश और जनहित के लिए बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर किसान, मजदूर, युवा, व्यापारी और अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें बेहतर तथा सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में काम किया जाएगा।
मायावती के बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र और युवा भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलित हैं। ऐसे में बसपा प्रमुख का युवाओं को राजनीतिक दलों से सावधान रहने का संदेश आने वाले चुनावी माहौल में पार्टी की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






