
काकोरी कांड के 101 वर्ष पूरे, सीएम योगी ने शहीद स्मारक पर क्रांतिकारियों को दी श्रद्धांजलि
शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को किया सम्मानित
लखनऊ। काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर रविवार को काकोरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को नमन किया तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन और वंदे मातरम् पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन से संबंधित चित्रों और अभिलेखों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। स्मारक परिसर में पौधारोपण करने के साथ फोटो बूथ पर सेल्फी भी ली। कार्यक्रम में भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को महान क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की धरती पर गुलामी स्वीकार नहीं की जाएगी। राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि काकोरी की घटना को अंग्रेजी शासन ने डकैती बताया था, जबकि वास्तव में यह क्रांतिकारियों का स्वतंत्रता संग्राम को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्रांतिकारियों का लक्ष्य भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था।
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक क्रांतिकारियों और वीर सेनानियों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत महान विभूतियों के योगदान को सम्मान देने का कार्य किया है। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े क्रांतिकारियों के नाम पर डाक टिकट जारी किए गए और संस्थानों के नामकरण का कार्य भी हुआ है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने क्षेत्र और गांव के स्वतंत्रता सेनानियों एवं गुमनाम नायकों की जानकारी जुटाने और उनकी स्मृतियों को संजोने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि होगा।
उन्होंने लोगों से 15 अगस्त को हर घर तिरंगा फहराने तथा प्रत्येक संस्थान में वंदे मातरम् का गायन करने की अपील की।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 9 अगस्त क्रांति और बलिदान की उस श्रृंखला का प्रारंभ दिवस है, जिसने देश को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में समाज के सभी वर्गों ने बलिदान दिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने काकोरी की धरती को देश के महान क्रांतिकारियों की त्याग और बलिदान की भूमि बताया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शहीदों के परिजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।









