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‘रील 21वीं सदी का नशा, युवाओं को रोजगार चाहिए’: प्रयागराज में राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने प्रयागराज में कहा
राहुल गांधी ने प्रयागराज में कहा
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Written by
Rishabh Rai

प्रयागराज। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार शाम प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में करीब 20 मिनट तक छात्रों और युवाओं को संबोधित किया। राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जिलों से छात्रों को बुलाया गया था। कांग्रेस ने दावा किया था कि कार्यक्रम के लिए दो लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं, युवाओं के डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कथित तौर पर बड़े कॉरपोरेट समूहों के प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए।

राहुल गांधी ने युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स के बढ़ते चलन को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं से कहा जाता है कि जितनी रील देखनी है और जितनी रील बनानी है, बनाओ। उन्होंने रील को 21वीं सदी का नशा बताते हुए युवाओं से वास्तविक समस्याओं और उनके समाधान पर ध्यान देने की अपील की।

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रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि एक हजार युवाओं में केवल 12 को ही स्थायी नौकरी मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं का डेटा लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि चीन की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं के सामने उसकी ताकत कुछ भी नहीं है।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि परिवारों से लाखों करोड़ रुपये लिए जाते हैं और बदले में युवाओं को बीए-एमए की डिग्री मिलती है, लेकिन डिग्री रोजगार की गारंटी नहीं देती। उन्होंने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शिक्षा पूरी करने के बाद भी रोजगार की निश्चितता नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं ने जिस तरह अपनी बात रखी, वह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘तो ये थी बिहार और यूपी की आवाज।’ उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्होंने अंधेरे में टॉर्च जला दी है। उनके मुताबिक, छात्रों को अपने दिल में नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत रखनी चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में राजनीतिक व्यवस्था और संस्थाओं को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछली स्लाइड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपति गौतम अडाणी की तस्वीर दिखाई थी, लेकिन युवाओं को किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ लड़ना है, जो उनके मुताबिक युवाओं के हितों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भी प्यार के साथ लड़ी जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने बिहार की एक छात्रा से बातचीत की। छात्रा ने पटना में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया। उसने दावा किया कि 23 जुलाई को प्रदर्शन की तैयारी के दौरान पुलिस और आरएएफ की मौजूदगी थी। छात्रा ने सिवान में पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया और दावा किया कि वहां एक छात्र की मौत हुई। उसने कहा कि जब 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया जा रहा था, तब बिहार के छात्र डर के माहौल में थे। छात्रा ने आरोप लगाया कि छात्रों को लाइब्रेरी से भी ले जाया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कॉरपोरेट क्षेत्र में भी युवाओं के सामने नए सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि मौजूदा व्यवस्था कैसे काम करती है और इसे कौन चला रहा है।

उन्होंने अपने भाषण में डेटा को भी बड़ी ताकत बताया। राहुल गांधी ने कहा कि ‘डेटा आपका, दर्द आपका और दौलत इनकी’ वाली व्यवस्था युवाओं के लिए चुनौती है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय के विचार का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडाणी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में अडाणी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर लोगों में शामिल हो गए और उनके मुताबिक यह मौजूदा सिस्टम की ताकत को दिखाता है।

विपक्ष के नेता ने वोटर लिस्ट और चुनावी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी होती है और वोटर लिस्ट में ब्राजील की महिलाओं के नाम तक शामिल किए जाते हैं। उन्होंने आरएसएस से जुड़े लोगों की विभिन्न संस्थाओं में नियुक्ति का भी आरोप लगाया। हालांकि, अपने संबोधन में राहुल गांधी ने इन आरोपों के समर्थन में विस्तृत तथ्य प्रस्तुत नहीं किए।

राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत, अमित शाह और अडाणी से जुड़े जिस सिस्टम की वह बात कर रहे हैं, उसके खिलाफ युवाओं को अपनी आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में छात्रों ने अंधेरे में रोशनी जलाई है।

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं ने वह किया, जो उनके माता-पिता नहीं कर पाए। उनके मुताबिक, पिछली पीढ़ी अपने डर का सामना नहीं कर पाई, लेकिन युवाओं ने अपने डर का सामना किया और अपनी आवाज उठाई। उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्होंने अपनी बात नफरत के साथ नहीं, बल्कि मोहब्बत के साथ रखी है। राहुल गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़े हैं और आगे भी उनके मुद्दों को उठाते रहेंगे।

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