
कुछ रिश्ते नाम के नहीं होते, उन्हें किसी परिचय की जरूरत नहीं पड़ती। वक्त के साथ जब कोई इंसान दोस्त से बढ़कर भाई जैसा बन जाए, तो वह रिश्ता जिंदगी की खूबसूरत पूंजी बन जाता है। प्रांजल तिवारी भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर उन्हें सिर्फ शुभकामनाएं देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उस व्यक्तित्व को याद करना जरूरी है, जो अपने काम, व्यवहार और रिश्तों से लोगों के बीच अलग पहचान बनाता है।
प्रांजल तिवारी वर्तमान में राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट, अध्यक्ष खेल-कूद प्रकोष्ठ, कांग्रेस जनपद अमेठी, निदेशक जिला क्रिकेट संघ अमेठी और मंडल सचिव अयोध्या हैंडबाल संघ जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों से जुड़े हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि अगर जुनून हो तो किसी एक क्षेत्र तक सीमित रहना जरूरी नहीं।
खेलों के प्रति उनका लगाव सिर्फ पद तक सीमित नहीं है। युवाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर पैदा करना, उनकी प्रतिभा को मंच देना और खेलों को आगे बढ़ाने की सोच उनके काम में दिखाई देती है। क्रिकेट से लेकर हैंडबाल तक, खेल जगत से उनका जुड़ाव इस बात का प्रमाण है कि वह युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने में विश्वास रखते हैं।
मीडिया के क्षेत्र में भी प्रांजल तिवारी अपनी बात मजबूती और बेबाकी के साथ रखने के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट के तौर पर सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी बात रखना और लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाना उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष है।
लेकिन इन तमाम जिम्मेदारियों और पदों से अलग अगर कोई चीज प्रांजल को खास बनाती है, तो वह है उनका अपनापन। कुछ लोग जिंदगी में दोस्त बनकर आते हैं, लेकिन अपने व्यवहार से धीरे-धीरे परिवार का हिस्सा बन जाते हैं। प्रांजल उन्हीं लोगों में से हैं। उनके साथ दोस्ती में औपचारिकता कम और भाईचारा ज्यादा महसूस होता है।
आज उनके जन्मदिन पर दिल से यही कामना है कि जीवन में उन्हें हर वह मुकाम मिले, जिसके वे हकदार हैं। सफलता उनके कदम चूमे, स्वास्थ्य और खुशियां हमेशा उनके साथ रहें और उनका यह अपनापन यूं ही बना रहे।








