Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

शिवसेना (यूबीटी) का छह बागी सांसदों पर कानूनी वार, विलय के दावे को बताया अवैध

उद्धव ठाकरे! अब उठाया बड़ा कदम
उद्धव ठाकरे! अब उठाया बड़ा कदम
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के बीच टकराव तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने पार्टी से बगावत करने वाले छह लोकसभा सांसदों को कानूनी नोटिस भेजते हुए उनके शिंदे गुट में विलय के दावे को कानूनन असंभव बताया है।

शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने 13 जुलाई को भेजे नोटिस में सांसदों को याद दिलाया कि उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में और पार्टी के चुनाव चिह्न पर शिंदे गुट के खिलाफ लड़कर जीत हासिल की थी। सावंत ने कहा कि मूल राजनीतिक दल ने न तो शिंदे गुट के साथ किसी विलय की प्रक्रिया शुरू की है और न ही इसके लिए कोई अनुमति दी है।

Advertisement Box

उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के दलबदल विरोधी कानून के पैरा-4 का हवाला देते हुए कहा कि जब मूल राजनीतिक दल का ही विलय नहीं हुआ है, तब केवल सदन के भीतर विधायी दल के विलय का दावा कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी को जानकारी मिली है कि बागी सांसदों ने अपने विलय के दावे के संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क किया है। पार्टी ने अध्यक्ष से ऐसे किसी भी दावे को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया है।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यूबीटी के कानूनी नोटिस को बेअसर बताते हुए खारिज कर दिया। वहीं अधिकांश बागी सांसदों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि उनकी ओर से मुख्यमंत्री शिंदे पहले ही अपना पक्ष रख चुके हैं। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि दलबदल विरोधी कानून के तहत इन सांसदों की सदस्यता रद्द हो सकती है।

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

और भी पढ़ें

WhatsApp