
लखनऊ। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) रविवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंची। समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी के नेतृत्व में 39 सांसदों की टीम चुनावी सुधार के विभिन्न पहलुओं पर जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से चर्चा करेगी।
लखनऊ पहुंचने पर पी.पी. चौधरी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ देश के चुनावी ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार का प्रस्ताव है। इसी उद्देश्य से समिति विभिन्न राज्यों का दौरा कर लोगों की राय जुटा रही है। उन्होंने बताया कि समिति अब तक नौ राज्यों का दौरा कर चुकी है और हर सुझाव का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। सभी पक्षों की राय पर विचार करने के बाद अंतिम रिपोर्ट संसद को सौंपी जाएगी।
समिति के सदस्य और शिवसेना (यूबीटी) सांसद अनिल देसाई ने कहा कि बैठकों में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आमंत्रित गवाहों के विचार सुने जाएंगे। समिति के सदस्य भी इस प्रस्ताव के संभावित लाभ, चुनौतियों और प्रभावों पर चर्चा करेंगे। उनका कहना था कि सभी सुझावों को निष्पक्ष रूप से रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान समिति उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों, विधानसभा अध्यक्ष तथा अन्य संबंधित पक्षों से भी मुलाकात करेगी। इन बैठकों में प्रस्तावित व्यवस्था के संवैधानिक, प्रशासनिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
समिति का उद्देश्य विभिन्न पक्षों की राय के आधार पर व्यापक और संतुलित रिपोर्ट तैयार करना है। यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। लखनऊ दौरे को समिति की परामर्श प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।







