
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार 26 मई को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,246 रुपये सस्ता होकर 1.58 लाख रुपये पर पहुंच गया, जबकि चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत 4,887 रुपये टूटकर 2.66 लाख रुपये रह गई।
सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय पर आई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट तनाव बना हुआ है। आमतौर पर युद्ध या तनाव की स्थिति में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और उसके दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार बाजार का रुख अलग नजर आ रहा है।
इस साल की शुरुआत में सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जो 29 जनवरी 2026 तक बढ़कर 1.76 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। मौजूदा कीमत अपने उच्चतम स्तर से करीब 18 हजार रुपये नीचे आ चुकी है।
चांदी में गिरावट और ज्यादा तेज रही है। साल की शुरुआत में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी, लेकिन जनवरी के अंत तक यह 3.86 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। अब सिर्फ 117 दिनों में चांदी करीब 1.20 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली और निवेशकों का ‘कैश’ की तरफ झुकाव है। जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव आ गया।
इसके अलावा मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच निवेशक जोखिम कम करना चाहते हैं। ऐसे में वे सोना-चांदी बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और डॉलर की चाल के आधार पर सोने-चांदी में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी मानी जा रही है।








