
देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ईंधन के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। दिल्ली समेत देश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
दिल्ली के एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर लोगों ने बढ़ती महंगाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। लोगों का कहना है कि हर कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी आमदनी उसी हिसाब से नहीं बढ़ रही। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कई लोगों ने सरकार से अपील की कि आम जनता को राहत देने के लिए ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए।
सरकार ने 15 मई को पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 19 मई को फिर करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया। इसके बाद तीसरी बार भी कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसमें पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। अब चौथी बार कीमतों में दो रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले तीसरी बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर था। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और व्यापार से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है। ईरान युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है, जिसका असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। हालांकि, जनता का मानना है कि सरकार को टैक्स में राहत देकर लोगों को कुछ राहत पहुंचानी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब केवल वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में आम जनता महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए बैठी है









