
गौशालाओं में कोई भी गोवंश भूखा-प्यासा न रहे, मिशन मोड में हो व्यवस्थाएं
भूसा संग्रहण का लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल, अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल संग्रहित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित कार्यालय में प्रदेशभर में 15 अप्रैल से चल रहे “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यूनतम प्रदर्शन वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को कड़ी चेतावनी जारी की।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी गौआश्रय स्थलों में पशु आहार और भूसे की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौशालाओं के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए ताकि किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा न रहना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने, भूसा और साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि लक्ष्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि गेहूं कटाई के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भूसे की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर लक्ष्य के अनुरूप भूसा संग्रह किया जाए।
मंत्री ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण दवाइयां एवं वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। संक्रामक रोगों से बचाव के लिए समय-समय पर टीकाकरण अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कहा कि इससे गोबर का बेहतर प्रबंधन होगा, गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बनेंगे और जैविक खाद व बायोगैस के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और व्यवस्थाएं व्यवस्थित ढंग से संचालित हों।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। अभियान के तहत 1905 अस्थायी और 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं।
भूसा संग्रहण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।









