
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित सद्भाव यात्रा के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “नफरत के माहौल में मोहब्बत की दुकान” केवल कांग्रेस का नारा नहीं, बल्कि देश की जनता की भावना है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में यात्रा की एक लंबी परंपरा रही है और इससे समाज को जोड़ने का काम होता है। उन्होंने कांग्रेस के युवा नेताओं से हर राज्य में ऐसी यात्राएं निकालने की अपील की।
अपने भाषण में राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए एक “सिस्टम” तैयार कर लिया है, जिसके तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया जाता है। राहुल ने दावा किया कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बनाकर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। हालांकि बीजेपी लगातार ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्तियां चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं। एयरपोर्ट, बंदरगाह, पावर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बड़े कारोबारी घरानों को लाभ पहुंचाने में लगी है, जबकि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा समेत पूरे देश में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बोलते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि यह समझौता भारत के किसानों के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार इस डील के बाद अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे देश के किसान प्रभावित होंगे। राहुल ने कहा कि किसी भी सरकार को किसानों के हितों से समझौता नहीं करना चाहिए। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।





