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अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल, सीसीटीवी लाइव रखने की मांग

अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस
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Written by
Rishabh Rai

लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में “मतगणना नहीं बल्कि मनगणना” जैसी स्थिति दिखाई दे रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं।

अखिलेश यादव ने मांग की कि मतगणना प्रक्रिया की पूरी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक रूप से लाइव दिखाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे। उन्होंने चुनाव आयोग से इस दिशा में स्पष्ट और सख्त कदम उठाने की अपील की।

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इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक तंत्र के भीतर कथित रूप से एक “अंडरकवर सिंडिकेट” के सक्रिय होने का दावा करते हुए कहा कि उनके पास एक ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी है, जिसमें राजनीतिक विचारधारा से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समय आने पर इस संबंध में विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कुछ सर्वे एजेंसियों, विशेषकर C-Voter पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये एजेंसियां निष्पक्षता के बजाय एकतरफा राजनीतिक माहौल तैयार करती हैं। इन बयानों के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीतिक दिशा भी साझा की। उन्होंने कहा कि पार्टी विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बना रही है और इसके लिए विभिन्न विशेषज्ञों तथा परामर्शदाताओं से भी राय ली जा रही है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में राजनीतिक रणनीति से जुड़ी संस्था I-PAC अब उनकी पार्टी के साथ सक्रिय रूप से काम नहीं कर रही है, जिसके चलते संगठनात्मक रणनीति में नए बदलाव किए जा रहे हैं।

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