
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अमित शाह की सक्रिय भूमिका के साथ भारतीय जनता पार्टी ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने विधायक दल की बैठक के लिए अमित शाह को राज्य का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं, असम के लिए जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह बुधवार को कोलकाता पहुंचकर नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार चयन, प्रचार रणनीति और घोषणापत्र तैयार करने में भी अमित शाह की केंद्रीय भूमिका रही थी।
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर पूर्वी भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जीत के बाद पार्टी ने 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
9 मई का दिन बंगाल के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में भी खास महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जाती है। चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने बीजेपी पर बंगाल की संस्कृति को प्रभावित करने के आरोप लगाए थे। ऐसे में टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण का फैसला एक सांस्कृतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।




