
नेताजी पर याचिका से नाराज़ CJI सूर्यकांत, कहा—‘एंट्री बैन कर देंगे’
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने याचिकाकर्ता वकील को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की याचिकाएं जारी रहीं तो उनकी सुप्रीम कोर्ट में एंट्री तक प्रतिबंधित की जा सकती है।
CJI सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ इस बात से नाराज़ दिखी कि इसी मुद्दे पर पहले भी याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं और खारिज हो चुकी हैं। अदालत ने कहा कि बार-बार एक ही तरह की याचिका दाखिल कर कोर्ट का समय बर्बाद किया जा रहा है।
याचिका में मांग की गई थी कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘राष्ट्र पुत्र’ घोषित किया जाए और उनकी अगुवाई वाली आजाद हिंद फौज के सशस्त्र संघर्ष को देश की आजादी का मुख्य कारण माना जाए। साथ ही 23 जनवरी (जन्मदिन) और 21 अक्टूबर (INA स्थापना दिवस) को राष्ट्रीय दिवस घोषित करने की भी अपील की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता में सुधार नहीं हो रहा है और यह याचिका लोकप्रियता पाने के उद्देश्य से दाखिल की गई प्रतीत होती है। कड़ी नाराज़गी जताते हुए कोर्ट ने न सिर्फ याचिका खारिज कर दी, बल्कि रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि भविष्य में इस याचिकाकर्ता की ऐसी जनहित याचिकाएं दर्ज न की जाएं।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सुप्रीम कोर्ट दोहराव वाली और गैर-जरूरी जनहित याचिकाओं पर सख्त रुख अपना रहा है, खासकर जब वे पहले ही खारिज हो चुकी हों।






