
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिकी कार्रवाई के तहत ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की खबरों के बीच रोजाना करीब 20 लाख बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, हालांकि संभावित कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद के चलते मंगलवार को इसमें कुछ नरमी आई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं।
भारत के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आने वाले तेल और गैस पर निर्भर करता है। पिछले एक महीने में भारत ने इस मार्ग से कई एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित पार कराया है।
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी जहाज को इस मार्ग से गुजरने के लिए ईरान को टोल देने की अनुमति नहीं देगा, जिससे आने वाले समय में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।




