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टीचर को जातिसूचक शब्द कहे:सेक्टर 18 मॉडल की प्रिंसिपल राज बाला पर गंभीर आरोप; पीड़ित टीचर मांग रही इंसाफ; SSP को शिकायत

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टीचर को जातिसूचक शब्द कहे:सेक्टर 18 मॉडल की प्रिंसिपल राज बाला पर गंभीर आरोप; पीड़ित टीचर मांग रही इंसाफ; SSP को शिकायत

चंडीगढ़ में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर और उसके अगले दिन सेक्टर 18 मॉडल की प्रिंसिपल राज बाला द्वारा SC समुदाय की महिला टीचर को कथित रूप से जातिसूचक शब्द कह उनका अपमान करने के मामले में अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(DSE) हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने कहा कि मामले में गठित कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। कमेटी ने स्कूल में जाकर संबंधित स्टाफ मेंबर्स की स्टेटमेंट्स भी दर्ज की है। वहीं दूसरी ओर स्कूल की प्रिंसिपल राज बाला छुट्‌टी पर चली गई हैं। कमेटी में गवर्नमेंट स्कूलों के प्रिंसिपल और एजुकेशन डिपार्टमेंट की एक महिला अफसर है।
शेड्यूल कास्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने FIR की मांग की
मामले में चंडीगढ़ शेड्यूल कास्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष भगतराज दिसावर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ शेड्यूल कास्ट समाज का एक प्रतिनिधिमंडल DSE हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ से भी मिल चुका है। मांग की गई है कि राज बाला के SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग और प्रिंसिपल के रिपेट्रिएशन की मांग की गई है।
SSP को भी शिकायत
स्कूल टीचर द्वारा चंडीगढ़ की SSP मनीषा चौधरी को भी शिकायत दी गई है। मामले में नेशनल कमीशन फॉर शैड्यूल्ड कास्ट(NCSC), चंडीगढ़ कमीशन फॉर शैड्यूल्ड कास्ट, एडवाइजर धर्म पाल, एजुकेशन सेक्रेटरी, DSE, DEO समेत राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रपति तथा PMO को भी शिकायत दी जा चुकी है। वहीं मामले में पीड़ित टीचर स्कूल में 26 और 27 जनवरी की CCTV फुटेज को प्रिजर्व करने की भी मांग कर चुकी है।

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घर में काम करवाती है प्रिंसिपल
टीचर ने शिकायत में कहा है कि स्कूल प्रिंसिपल उन्हें पिछले 6 सालों से ब्लैकमेल कर रही है। वह उन्हें स्कूल टाइमिंग में घर बुला कर काम करवाती है। इसकी फोटोग्राफ्स भी उनके पास हैं। स्कूल स्वीपर होने के बावजूद प्रिंसिपल उन्हें झाड़ू लगाने को कहती है। अब टीचर डरी हुई है कि प्रिंसिपल उनका करियर खराब कर सकती है।

गणतंत्र पर सम्मान नहीं मिला तो भड़का गुस्सा
टीचर ने कहा कि भारत का गणतंत्र हमें समानता का अधिकार देता है। हालांकि इसी दिन बीते 26 जनवरी को प्रिंसिपल सुबह 8:51 बजे स्कूल पहुंची। 8:52 पर स्कूल में राष्ट्रीय झंडा फहराने का कार्यक्रम था। प्रिंसिपल को उम्मीद थी कि स्कूल के सीनियर टीचर्स उन्हें बुके देकर रिसीव करेंगे और NCC इंचार्ज और कैडेट्स उन्हें स्टेज तक एस्कोर्ट करेंगे। ऐसा न होने पर वह काफी गुस्से में आ गई। इसके बाद वह तुरंत अपने ऑफिस में चली गई और सीनियर टीचर्स द्वारा रिक्वेस्ट करने पर वह स्टेज पर आई और गुस्से भरे चेहरे के साथ तिरंगा लहराया। इसके बाद गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम को फ्लॉप शो बताया
कुछ तकनीकी खराबी के चलते म्यूजिक सिस्टम अच्छे से काम नहीं कर रहा था। सिस्टम ठीक करवाया गया और कार्यक्रम अच्छे से संपन्न हुआ। प्रिंसिपल जब स्टेज पर आई तो बच्चों और उनके पेरेंट्स को गणतंत्र दिवस की मुबारकबाद देने की बजाय कहा कि सब कुछ अस्त-व्यस्त रहा और यह एक फ्लॉप शो था। प्रिंसिपल पहले से अपने स्वागत की बात पर गुस्सा थी। मीटिंग बुला स्टाफ को बेइज्जत किया

बोली- चुप हो जा, बकवास मत कर
आरोप के मुताबिक, कार्यक्रम के बाद प्रिंसिपल ने एक मीटिंग बुलाई जिसमें स्टाफ की बेइज्जती की। आरती ने कहा कि उन्होंने प्राइमरी विंग के साथ मिल डेकोरेशन और तैयारियों को लेकर काम किया था। उन्होंने प्रिंसिपल को समझाने की कोशिश की, मगर प्रिंसिपल ने पहले कई बार की तरह पूरे स्टाफ के सामने बेइज्जत करने वाले शब्दों का प्रयोग किया। ‘चुप हो जा। बकवास मत कर। ज्यादा हवा न ले।’ इसके बाद कहा कि वह उसे कल देखेगी।

27 को इस तरह की कमरे में बेइज्जती
अगले दिन जब पीड़ित टीचर स्कूल पहुंची तो सीनियर टीचर्स ने कहा कि प्रिंसिपल ने उन्हें अपने ऑफिस में बुलाया है। वह उनसे माफी चाहती हैं। इसके बाद ही वह उन्हें छोड़ेगी। जब वह प्रिंसिपल ऑफिस में पहुंची और माफी मांगी तो प्रिंसिपल ने कहा, ‘तुम *** की औकात नहीं मेरे सामने बोलने की। तुने तो मुझे *** किया है सबके सामने, अब तेरा *** नाच करवाऊंगी भरी सभा में।

तेरी औकात नहीं है मेरे सामने बोलने की। तुम्हारी तो आवाज भी नहीं निकली चाहिए मेरे सामने। तुम जैसों को तो हमारी *** नौकर भी नहीं रखती। जब मैंने कहा था कल सारे स्टाफ के सामने की बकवास मत कर तो तू क्या बोली? मैंने पहले भी तेरे जैसे *** *** स्कूल से बाहर निकलवाए हैं। कुछ नहीं कर पाई तुम्हारी यूनियन मेरा।’

बोली- बेटा वकील है, कानून मत सिखा
जब टीचर ने प्रिंसिपल को कहा कि वह उनसे इस भाषा में बात नहीं कर सकती तो बोली, ‘ज्यादा कानून मत सिखा, मेरा बेटा वकील है।’ इसके बाद टीचर को गेट आउट कहा और, ‘आदमी बुला कर बाहर फिंकवा दूंगी और कहा कि, ‘उसके पास कोई बैक नहीं है सपोर्ट करने के लिए, तुम प्रोबेशन पर हो और मैं तुम्हारा करियर और जिंदगी खराब कर दूंगी। तेरे खिलाफ ईमेल तो करवा दी है। देख तुझे कैसे बेइज्जत करती हूं।’ टीचर के मुताबिक इसके बाद उसे लिखित में चेतावनी जारी की गई।

आरोपों को नकारा
स्कूल प्रिंसिपल राज बाला ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरफ से निराधार हैं। 26 जनवरी को राष्ट्रीय झंडे का अपमान हो रहा था जिसे लेकर उन्होंने स्टाफ को बुला कर समझाया था। वहीं कहा कि न तो महिला टीचर से घर का काम करवाया और न ही झाड़ू लगवाई। इसके अलावा कभी भी जातिसूचक शब्द नहीं कहे।

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