Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

योगी सरकार 2.0 के मंत्रियों की रिपोर्ट पर अब जिलों में तैनात अफसरों के शुरू होंगे तबादले, लिया जा रहा फीडबैक

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

योगी सरकार 2.0 के मंत्रियों की रिपोर्ट पर अब जिलों में तैनात अफसरों के शुरू होंगे तबादले, लिया जा रहा फीडबैक

लखनऊ। योगी सरकार 2.0 कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही एक्शन मोड में नजर आ रही है। भ्रष्टाचार या लापरवाही पर अब तक कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसके साथ ही अफसरों की क्षमता के अनुसार शासन स्तर पर कई फेरबदल किए गए हैं। अब जल्द ही जिलों में तबादला एक्सप्रेस दौड़ने वाली है। माना जा रहा है कि अब तक मिली रिपोर्ट के अलावा मंडलों के प्रभारी के रूप में मंत्री जिलों का जो फीडबैक देंगे, उसके आधार पर भी अफसरों को फील्ड में नई तैनाती दी जाएगी।

योगी सरकार की मंशा है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर आमजन को मिले। शिकायतों-समस्याओं के निस्तारण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खास जोर है। वह स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि अधिकारी जन शिकायतों के प्रति गंभीर रहें।

दूरदराज क्षेत्रों से जनता को जनता दरबार में बेवजह न आना पड़े। इसके बावजूद तमाम मामले लापरवाही के सामने आए हैं, जिन पर हाल ही में कार्रवाई भी की गई है। अब बड़े पैमाने पर जिलों में तैनात पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के तबादले की तैयारी है।

Advertisement Box

दरअसल, 18 मंडलों में मंत्रियों की अध्यक्षता में टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों के साथ जाकर मंत्री एक-एक जिले का दौरा कर रहे हैं। वहां व्यवस्थाओं को देख-परख रहे हैं। वह जो भी समस्या और समाधान की रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे, उसके आधार पर भी प्रत्येक जिले के विकास की कार्ययोजना बनाई जानी है, जिसे डिस्ट्रिक्ट माडल प्लान नाम दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों की इसी रिपोर्ट में यह भी फीडबैक होगा कि कहां अधिकारी व्यवस्थाओं का संचालन बेहतरी से कर पा रहे हैं और कहां नहीं। चूंकि, मंत्रियों से यह भी कहा गया है कि उन्हें आमजन से मिलकर उनका फीडबैक भी लेना है, इसलिए इस रिपोर्ट के आधार पर ही फील्ड यानी जिलों में तैनात अधिकारियों की वर्क रिपोर्ट तैयार कर बड़े स्तर पर स्थानांतरण किए जाएंगे।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp