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रूस ने यूक्रेन के हवाई अड्डों, शस्त्र भंडारों, सैनिक ठिकानों तथा नागरिक आबादी पर किये ताबड़ तोड़ हमले, मची भारी तबाही

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रूस ने यूक्रेन के हवाई अड्डों, शस्त्र भंडारों, सैनिक ठिकानों तथा नागरिक आबादी पर किये ताबड़ तोड़ हमले, मची भारी तबाही

यूक्रेन द्वारा अमरीका के नेतृत्व वाले 30 देशों के सैन्य संगठन ‘नाटो’ के साथ नजदीकियां बढ़ाने से नाराज रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने संयुक्त राष्ट्र की युद्ध न करने की अपील ठुकराते हुए 24 फरवरी को तड़के रूस ने यूक्रेन पर धावा बोल दिया। पुतिन ने कहा था कि उनकी सैन्य कार्रवाई केवल यूक्रेन की सत्ता को पलटने के लिए है तथा नागरिक आबादी पर हमले नहीं किए जाएंगे परंतु रूस द्वारा लड़ाकू विमानों, हैलीकाप्टरों के अलावा राकेटों और बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेन को चारों ओर से घेर कर अलग-थलग कर देने के लिए उसके हवाई अड्डों, शस्त्र भंडारों, सैनिक ठिकानों तथा नागरिक आबादी पर ताबड़ तोड़ हमले किए जा रहे हैं जिससे यूक्रेन में भारी तबाही हुई है।

इस युद्ध में रूस का साथी बेलारूस भी शामिल हो गया है और पहले ही दिन यूक्रेन ने रूस के 6 लड़ाकू विमान व 4 टैंक नष्ट कर दिए, जबकि 5 अन्य विमान व 1 हैलीकाप्टर भी मार गिराने का दावा किया है। मारिपोल (यूक्रेन) में एक सैनिक ठिकाने को रूस की मिसाइलों ने तबाह कर दिया। रूस द्वारा हमला करने के बाद दोनों देशों के 100 से अधिक सैनिकों व नागरिकों की मौत हो गई है। कई शहरों पर रूस ने कब्जा कर लिया है। रूस ने बड़ी संख्या में यूक्रेनी सैनिकों को बंधक बना लिया है तथा दूसरी ओर यूक्रेन ने भी कई रूसी सैनिकों को बंधक बनाने का दावा किया है।

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लुहांस्क, खारकीव, चेरनीव, सुमी और जेटोमिर प्रांतों में हमले जारी हैं। रूस की पैदल सेनाओं ने यूक्रेन में घुस कर कई गांवों पर कब्जा भी कर लिया है। रूस के कमांडो पैराट्रूपर यूक्रेन के सैनिक ठिकानों को अपने कब्जे में ले रहे हैं। उत्तरी कीव व ओडेसा में रूसी सेना घुस गई है। कीव हवाई अड्डों समेत कई स्थानों पर 203 से ज्यादा हवाई हमलों के बाद नागरिकों की सुरक्षा के चलते हवाई अड्डा खाली करा लिया गया है। रूस के हमले के बाद यूक्रेन के लोगों में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भगदड़ मच गई है, जिससे लोगों के वाहनों के कारण सड़कों पर अभूतपूर्व ट्रैफिक जाम हो गया है। लोग या तो घरों से भाग गए हैं या बेसमैंटों में छिप गए हैं और पूरे देश में ए.टी.एम. खाली हो गए हैं तथा देश के कई हिस्सों में उपद्रव व लूटमार शुरू होने के समाचार मिले हैं।

युद्ध की विभीषिका देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा है कि यूक्रेन और रूस के इस युद्ध के परिणामस्वरूप यूरोप में पिछले 100 वर्षों में होने वाला सर्वाधिक विनाशकारी युद्ध देखा जा सकता है जो न सिर्फ यूक्रेन और रूस बल्कि समस्त विश्व के लिए दुखदायी है। गुटारेस ने इसे अपने कार्यकाल का सर्वाधिक दुखद क्षण बताया व पुतिन से अनुरोध किया कि वह अपने सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने से रोकें। इस बीच इंगलैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी को फोन करके रूस के आगे न झुकने को कहा है और रूस के साथ व्यापार न करने तथा वीजा सम्बन्धी कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी रूस के हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसका लोगों पर विनाशकारी प्रभाव होगा जबकि जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मॉरिसन, नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने रूस पर अंतर्राष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड ने रूस से युद्ध रोकने की अपील की है और इसकी निंदा करते हुए इसे यूक्रेन के लिए एक भयावह दिन और यूरोप के लिए काला दिन करार दिया है। यूरोपीय संघ (ई.यू.) ने यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई को लेकर उसके (रूस) रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और सैन्य प्रमुखों तथा अन्य करीबियों पर गुरुवार को प्रतिबंध लगा दिया। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी ने विश्व समुदाय से तुरंत सहायता की गुहार लगाई है और भारत स्थित यूक्रेन के राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया था कि वह युद्ध रोकने के संबंध में पुतिन से बात करें और नरेंद्र मोदी ने पुतिन से बात करके रूस-यूक्रेन से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालना उनकी प्राथमिकता है।

यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय छात्रों में से कुछ यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास में पहुंच गए हैं और बाकी अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं। यूक्रेन में अभी 20,000 भारतीय हैं। यूक्रेन में भारतीय दूतावास बंद नहीं होगा और भारतीयों की मदद के लिए वह काम करता रहेगा। यूक्रेन में कीव हवाई अड्डा बंद हो जाने के बाद भारत सरकार वहां से अपने नागरिकों को निकालने के लिए वैकल्पिक उपाय देख रही है और निजी एयरलाइनों से संपर्क में है।

भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से लाने के लिए वीरवार को रवाना हुआ एयर इंडिया का विमान यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित कर देने के कारण रास्ते से ही खाली वापस दिल्ली लौट आया है। रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने रूस से अपने सभी राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं। यूक्रेन सरकार ने नागरिकों से लडऩे की अपील की है और इसके लिए सरकार उन्हें हथियार उपलब्ध कराएगी। फिलहाल हालात सुधरने के संकेत नहीं हैं। एक ओर जहां नाटो ने रूस के विरुद्ध कार्रवाई की धमकी दी है वहीं पुतिन ने भी मुंहतोड़ जवाब देने की धमकी दे दी है। अत: युद्ध टलने की संभावनाएं क्षीण ही दिखाई दे रही हैं।

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