
आज़मगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज़मगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों का सम्मान भारतीय संस्कृति और संस्कारों का मूल आधार है तथा इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी व्यक्ति को मर्यादा की सीमाएं लांघने की अनुमति नहीं दी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटी किसी भी परिवार की हो, उसके सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जुड़े लोगों को अपनी भाषा और व्यवहार पर विशेष संयम रखना चाहिए। योगी ने कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी मर्यादित आचरण का पाठ पढ़ाना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें अपने सहयोगियों को भी भाषा की शालीनता और सामाजिक संस्कारों का महत्व समझाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि कोई अपने लोगों को अनुशासन और मर्यादा नहीं सिखा सकता, तो कानून अपना काम करना जानता है। योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनता से भी सामाजिक सौहार्द और सभ्य संवाद की परंपरा को मजबूत करने की अपील की।









