
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है। हाल ही में भारतीय टीम में चयन के बाद राजस्थान रॉयल्स द्वारा साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ अच्छा खेलना नहीं, बल्कि आने वाले 10 से 20 वर्षों तक क्रिकेट में दबदबा बनाए रखना है।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका सपना भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट-टेस्ट, वनडे और टी-20-में खेलना है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर के साथ बातचीत में उन्होंने अपने IPL अनुभव, तैयारी और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की।
वैभव ने IPL 2026 के सफर को याद करते हुए कहा कि टूर्नामेंट के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि हर मैच के बाद टीम में बैठकर प्रदर्शन की समीक्षा की जाती थी, गलतियों पर चर्चा होती थी और उन्हें सुधारने की कोशिश की जाती थी। उनके अनुसार, यही प्रक्रिया खिलाड़ी को लगातार बेहतर बनाती है।
इंटरव्यू के दौरान वैभव ने एक भावुक पल साझा करते हुए कहा कि जब विराट कोहली ने उनके कंधे पर हाथ रखा, तो वह उनके लिए किसी सपने जैसा क्षण था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी टीम IPL फाइनल में पहुंचती, तो अनुभव और भी खास होता।
ऑरेंज कैप को लेकर अपने अनुभव पर वैभव ने कहा कि पहले वह दूसरों के सिर पर यह कैप देखकर उसे सिर्फ छूने की इच्छा रखते थे, लेकिन अब खुद इसे पहनना उनके लिए बेहद खास एहसास है। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि वे अंधविश्वास नहीं करते, लेकिन अनावश्यक सोच से बचते हैं ताकि प्रदर्शन पर असर न पड़े।
रेड बॉल क्रिकेट को लेकर पूछे गए सवाल पर वैभव ने स्पष्ट किया कि उन्हें पारंपरिक क्रिकेट बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि वे लगातार रेड-बॉल क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रहे हैं और राज्य स्तर पर भी इस प्रारूप में खेल चुके हैं। उनका मानना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में टीम की जरूरत के अनुसार खुद को ढालना ही एक अच्छे खिलाड़ी की पहचान है।
IPL ऑक्शन को लेकर उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में उन्हें उम्मीद थी कि अधिक टीमें उन पर बोली लगाएंगी, लेकिन अंततः राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें चुना, जिसके लिए वे बेहद आभारी हैं। उन्होंने कहा कि टीम का माहौल परिवार जैसा है और सीनियर खिलाड़ी लगातार मार्गदर्शन करते रहते हैं।
वैभव ने यह भी बताया कि मैच से पहले वे मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान देते हैं। वे पहले से यह कल्पना करते हैं कि किस गेंदबाज के खिलाफ कैसे खेलना है और अलग-अलग परिस्थितियों में क्या रणनीति अपनानी है। उनके अनुसार, यह अभ्यास आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
फैंस के समर्थन पर उन्होंने कहा कि मैदान पर और सोशल मीडिया पर मिल रहे प्यार को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने बिहार और अपने गृहनगर से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां लोगों का अपनापन और सम्मान उन्हें बेहद खास महसूस कराता है।
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी अब तक के सबसे युवा भारतीय खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं। यदि उन्हें आगामी टी-20 सीरीज या एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिलता है, तो वे सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। उनका नाम पहले से ही सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड की तुलना में चर्चा में आ चुका है।








