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नीतीश के बाद नया समीकरण: बिहार में भाजपा नेतृत्व का उदय और गठबंधन की नई रणनीति

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Written by
Rishabh Rai

बिहार में राजनीतिक बदलाव के बाद नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बन चुकी है। इस बदलाव के बावजूद राजनीतिक बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा को मुख्यमंत्री पद देना “सहयोग के बदले सहयोग” की भावना से लिया गया फैसला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनावों में जब जदयू की सीटें कम हो गई थीं, तब भाजपा ने उनका समर्थन किया था।

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विजय चौधरी ने यह भी कहा कि 24 अप्रैल को विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में नई सरकार विश्वास मत हासिल करेगी। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए सरकार को विश्वास मत मिलने में कोई बाधा नहीं होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई सरकार, नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करेगी और उनके विकास मॉडल को आगे बढ़ाएगी। इस बीच, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया था।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों को जदयू नेताओं ने खारिज किया है। तेजस्वी यादव ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताई थी और सरकार को “कर्ज में डूबी” बताया था।

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