दिल्ली PM नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जुलाई संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार का कार्यक्रम विज्ञान, संस्कृति, पर्यावरण और प्रेरक व्यक्तित्वों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा।पीएम मोदी ने चंद्रयान मिशन और युवा वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से देश में विज्ञान को लेकर एक सकारात्मक और जिज्ञासु वातावरण बना है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार शुभांशु जैसे युवाओं ने वैज्ञानिक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे आज की पीढ़ी विज्ञान और तकनीक की दिशा में अग्रसर हो रही है।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत की समृद्धसांस्कृतिक विरासत, जैसे महाराष्ट्र के 12 धरोहर स्थलों को यूनेस्को द्वारा मान्यता दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने इसे भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।पर्यावरण की चिंता भी पीएम मोदी के संबोधन में दिखी। उन्होंने गर्मी और लू के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण की अपील की। इसके साथ ही हरित भारत अभियान और जल संरक्षण जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम के विचार और जीवन युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा रहेंगे।‘
मन की बात’ का यह संस्करण प्रेरणा, नवाचार और समाजिक जागरूकता से भरा रहा, जिसने देश के लोगों को एक बार फिर सकारात्मक बदलाव की ओर सोचने के लिए प्रेरित किया।








