नई दिल्ली – एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान हादसे पर आई 15 पन्नों की जांच रिपोर्ट ने विमानन सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि मानव भूल (Human Error) की वजह से हुआ।
क्या कहती है रिपोर्ट?
विमान के दोनों इंजन इसलिए बंद हो गए क्योंकि पायलट द्वारा एक-एक करके दोनों फ्यूल स्विच बंद कर दिए गए थे।
यह चूक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का उल्लंघन थी, जिसे पायलट को अच्छी तरह समझना चाहिए था।
चेकलिस्ट और आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिससे हालात और बिगड़ते गए।
जब तक क्रू को गलती का एहसास हुआ, तब तक विमान को उतारने का समय निकल चुका था।
CVR और FDR से मिले अहम सुराग
रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) का विश्लेषण भी शामिल है। इसके अनुसार, इंजन फेल होने के बाद कॉकपिट में भ्रम की स्थिति थी और क्रू को पता नहीं था कि फ्यूल सप्लाई बंद हो चुकी है।
तकनीकी खराबी नहीं थी
जांच में यह भी सामने आया कि विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं थी। इंजन और अन्य सिस्टम पूरी तरह ठीक थे। यह हादसा पूरी तरह से मानव चूक का नतीजा था।
DGCA की सिफारिशें
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने रिपोर्ट के बाद कई अहम सिफारिशें की हैं:
क्रू ट्रेनिंग की समीक्षा और सुधार
SOP पर सख्त अमल
सभी एयरलाइनों को चेतावनी कि इस तरह की प्रक्रियात्मक चूक दोहराई न जाए
एयर इंडिया एक्सप्रेस क्रैश पर आई यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि विमान संचालन में हर एक बटन, स्विच और निर्णय की कीमत जानलेवा हो सकती है। DGCA अब इस रिपोर्ट के आधार पर कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।





