लखनऊ: ईद उल फितर के मौके पर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस पर ईदगाह जाने से रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने बैरिकेडिंग को लेकर सवाल उठाए और इसे तानाशाही जैसा करार दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि वे सालों से ईदगाह आ रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें ऐसी बैरिकेडिंग का सामना नहीं करना पड़ा था।
सोमवार को अखिलेश यादव ऐशबाग स्थित ईदगाह पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “जब आज आ रहा था, तो जानबूझकर पुलिस ने मुझे रोका। पुलिस ने पूरी बैरिकेडिंग लगा रखी थी। बात करने के बाद बड़ी मुश्किल से मुझे जाने दिया गया। सिर्फ एक गाड़ी को जाने दिया गया।” उन्होंने आगे सवाल किया, “क्या सरकार मुझे डराना चाहती है? क्या सरकार चाहती है कि मैं दूसरे धर्मों के कार्यक्रमों में शामिल न हो?” अखिलेश ने यह भी कहा कि इसे तानाशाही या इमरजेंसी के तौर पर देखा जा सकता है।
अखिलेश यादव ने यह भी याद किया कि उन्हें पहली बार उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने ईदगाह लेकर आए थे और तब से वे हर साल यहां आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले कभी भी ऐसी बैरिकेडिंग नहीं देखी थी, जिससे यह सवाल उठता है कि सरकार का उद्देश्य क्या है।
सपा प्रमुख के इस बयान से राजनीतिक माहौल और गरमाया है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।





