
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान पार्टी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आशुतोष रांका की तस्वीर साझा करते हुए उनके प्रदर्शन का समर्थन किया और उन्हें सलाम किया।
दरअसल, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद से इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। CJP ने भी इस निर्णय पर नाराजगी जाहिर की है। पार्टी का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर का इस्तेमाल बंद करने से लोगों की आवाज उठाने की आजादी पर असर पड़ सकता है।
जंतर-मंतर को लेकर सरकार पर निशाना
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से डर रही है। दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में हटाने से प्रदर्शन बंद नहीं होने वाले हैं। उनके मुताबिक, लोग अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशुतोष रांका की तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका।” इसके साथ उन्होंने सलाम करने वाला इमोजी भी पोस्ट किया। पार्टी की ओर से इस तस्वीर को विरोध प्रदर्शन के समर्थन के रूप में पेश किया गया।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ी हलचल
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इस दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके अलावा, अलग-अलग स्थानों से सात हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। 12 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। पार्टी के मुताबिक, वहां उन्होंने प्रदर्शन की अनुमति और तारीख को लेकर पुलिस से बातचीत की।
पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
CJP का कहना है कि उसने पुलिस को प्रदर्शन की तारीख स्पष्ट करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर वह आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला करेगी।
फिलहाल, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का मुद्दा और CJP की आगे की रणनीति चर्चा के केंद्र में है। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रदर्शन की तारीख को लेकर क्या रुख अपनाती है और पार्टी अपने अगले कदम के तौर पर क्या घोषणा करती है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से डर रही है। दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में हटाने से प्रदर्शन बंद नहीं होने वाले हैं। उनके मुताबिक, लोग अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशुतोष रांका की तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका।” इसके साथ उन्होंने सलाम करने वाला इमोजी भी पोस्ट किया। पार्टी की ओर से इस तस्वीर को विरोध प्रदर्शन के समर्थन के रूप में पेश किया गया।







