
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने PDA के नारे, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन और सपा की राजनीतिक रणनीति को लेकर तंज कसे। उनके बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
‘PDA का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के PDA नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव से पहले सपा के नेता PDA-PDA चिल्ला रहे थे। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि ये परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है।”
सीएम योगी का यह बयान समाजवादी पार्टी की राजनीतिक विचारधारा और उसके सामाजिक समीकरणों पर सीधा हमला माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी PDA के जरिए पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एकजुट करने की राजनीति करती रही है। वहीं, बीजेपी की ओर से इस नारे और सपा की रणनीति पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के जरिए सपा के राजनीतिक दावों पर निशाना साधने की कोशिश की। उनके इस बयान को आगामी चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर भी कसा तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने एक उम्मीदवार के लिए ‘चचा जान’ और दूसरे के लिए ‘धन्नासेठ’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कटाक्ष किया।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने गिरगिट का जिक्र करते हुए भी तंज कसा। उनके बयान का मकसद सपा के उम्मीदवारों के चयन और उसकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाना था। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को उठाकर विपक्षी दल की राजनीतिक दिशा और उसके फैसलों पर निशाना साधा।
राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे सकता है।
‘सपा के धोखे में कभी मत आना’
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को समाजवादी पार्टी से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि सपा के धोखे में कभी नहीं आना चाहिए। उन्होंने पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग नौका पार लगाने वाले नहीं, बल्कि नौका डुबोने वाले हैं।
सीएम योगी के इस बयान को समाजवादी पार्टी की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनता के सामने बीजेपी की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने और विपक्ष के दावों को चुनौती देने का प्रयास किया।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक बहस की स्थिति स्पष्ट होगी।
PDA के मुद्दे पर आमने-सामने BJP और सपा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA का मुद्दा लंबे समय से चर्चा के केंद्र में है। समाजवादी पार्टी इसे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी और अधिकारों से जोड़कर पेश करती है। दूसरी ओर, बीजेपी इस राजनीतिक रणनीति को लेकर सपा पर सवाल उठाती रही है।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ताजा हमला इसी सियासी खींचतान की कड़ी माना जा रहा है। आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच सामाजिक समीकरणों, नेतृत्व और राजनीतिक दावों को लेकर बयानबाजी और तेज हो सकती है।






